गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
एक दूसरे के खिलाफ लड़ाई जा रही अस्मिताएं
शराबबंदी , महिला मतदाता और नीतीश कुमार
धर्मराष्ट्रवाद और राजनीति-खतरनाक गठजोड़ की नयी परंपरा
भारत माता जार-बेजार रो रही है
महिला आरक्षण विधेयक को पारित करो [अपील पर हस्ताक्षर करें ]
12वीं लोकसभा में महिला आरक्षण पर बहस ( 8 मार्च )
स्मृति इरानी जी, हमारी दुर्गा आप ही हो !
इस राष्ट्रवाद की भाषा में स्त्रियाँ ‘ रंडी’, ‘रखैल’ और बलात्कार से ठीक की जाने वाली बिगडैलें हैं
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय