“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब
सतीश सरदाना का कहानी-संग्रह ‘चोखा दाम’ मनुष्य, बाज़ार और स्मृति
‘प्रगतिशील सिनेमा’ प्रेमचंद का अधूरा सपना
अनुराधा ओस की कविताएँ
आलोक आज़ाद की ‘ईश्वर के बच्चे’ और अन्य कविताएं
गुंजन उपाध्याय पाठक की पाँच कविताएँ
सुनीता अबाबील की कविताएं
कंचन कुमारी की कविताएं
हां मुझे फर्क पड़ता है…
नदियों की उदासी का छन्द रचती कविताएँ
छाया कोरेगाँवकर की कविताएं
‘द वायस ऑफ़ हिन्द रजब’