गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
वर्तमान के दो अंतहीन युद्ध
प्रज्ञा मिश्रा की कविताएं
गरिमा सिंह की कविताएं
अनुराधा ओस की कविताएँ
आलोक आज़ाद की ‘ईश्वर के बच्चे’ और अन्य कविताएं
गुंजन उपाध्याय पाठक की पाँच कविताएँ
सुनीता अबाबील की कविताएं
कंचन कुमारी की कविताएं
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय