कहानी: टुकी मिसिर
जदयू में उतराधिकार : नीतीश मॉडल की नयी पटकथा
इमाम आयतुल्लाह ख़ामेनेई से नासिरा शर्मा का साक्षात्कार
महकार की महागाथा: लोकतंत्र का एक जीवित महाकाव्य है महकार
नये हिंदी सिनेमा में नयी स्त्री
द्रौपदी ! भारतीय सेना बलात्कारी नहीं,राष्ट्रवादी है (?!)
‘पिंक’एक आज़ाद-ख्याल औरत की नज़र से
मी लार्ड, स्त्रीवाद का रंग ‘पिंक’ है ! कुछ-कुछ (?) लाल और नीला भी
‘पार्च्ड’ के जवाब , ‘पिंक’ से कुछ सवाल : स्त्रीवाद के आईने में (!)
रंडी अश्लील शब्द है और फक धार्मिक (!) … पिंक के बहाने कुछ जरूरी सवाल
क्यों स्त्रीविरोधी है अतिनाटकीय फिल्म ‘पिंक’ !
पेंटिंग में माँ को खोजते फ़िदा हुसेन
ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा