“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
सूखा नशा
नाच एक संवेदनशील उपन्यास
राहुल गांधी,कांग्रेस की परंपरा और INDIA गठबंधन का असहज भविष्य
कानूनी भेदभाव: बेड़ियाँ तोड़ती स्त्री (सी.बी.मुथम्मा)
हम क्रूर और कामातुर पूर्वजों की संतानें हैं:क्रूरता की विरासत वाले देश में विधवाओं की स्थिति
महात्मा फुले के अंतिम दिनों की दुर्दशा का जिम्मेवार कौन?
संसद के वे दिन: जब मैं झांसी से चुनकर आयी
पहली महिला कुली, दलित महिला आंदोलन नेत्री जाईबाई चौधरी
क्या आप छत्तीसगढ़ की पहली महिला सांसद मिनीमाता को जानते हैं?
वह भविष्य का नेता था लेकिन राजनीति ने उसे तुष्टिकरण में फंसा दिया (!)
‘राष्ट्रवादी’ इतिहासकार काशी प्रसाद जायसवाल: एक स्त्रीवादी अवलोकन
भारतीय राजनीति के आधुनिक दधीचि हैं लालू प्रसाद!