बेटियों के लिए
सुबह
किरणों के रथ पर
आती हैं बेटियां
इन्हीं से खुशबू उधार लेकर
फूल बिखेरते हैं खुशबू
बेटियाँ ही कोयल को
सिखलाती हैं तान
जहाँ जन्म लेती हैं ये
बसंत...
बेटियों के लिए
सुबह
किरणों के रथ पर
आती हैं बेटियां
इन्हीं से खुशबू उधार लेकर
फूल बिखेरते हैं खुशबू
बेटियाँ ही कोयल को
सिखलाती हैं तान
जहाँ जन्म लेती हैं ये
बसंत...
बेटियों के लिए
सुबह
किरणों के रथ पर
आती हैं बेटियां
इन्हीं से खुशबू उधार लेकर
फूल बिखेरते हैं खुशबू
बेटियाँ ही कोयल को
सिखलाती हैं तान
जहाँ जन्म लेती हैं ये
बसंत...
बेटियों के लिए
सुबह
किरणों के रथ पर
आती हैं बेटियां
इन्हीं से खुशबू उधार लेकर
फूल बिखेरते हैं खुशबू
बेटियाँ ही कोयल को
सिखलाती हैं तान
जहाँ जन्म लेती हैं ये
बसंत...