ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा
होना चाहती हूं मूक इतिहास की बोली: बापू टावर (पटना) में मुखरित हुआ स्त्री स्वर
हंस ब्राह्मणवाद के यम ही नहीं,डाइवर्सिटी आंदोलन के स्तम्भ भी रहे!
“धरती भर आकाश” में स्त्री शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतिरोध
हिन्दी नवजागरण और स्त्री प्रश्न
बहुरिया रामस्वरूप देवी
कथाकार राजेन्द्र सजल के कथा संग्रह ‘अंतिम रामलीला’ पर परिचर्चा
प्रोफ़ेसर रतनलाल की रिहाई!
हिमा दास: बहुजन समाज में लड़कियों के खेल-उत्साह और उत्सव की प्रतीक
कविता का जोखिम: मियां कविता के विशेष सन्दर्भ में
मध्यवर्गीय जीवन से संसद की यात्रा तक: भूतपूर्व केन्द्रीय मंत्री रीता वर्मा
Flames of Devotion: The Bhakti Movement’s Enduring Revolution in South India
स्त्री सुन्दरता के नये पैमाने : आत्ममुग्धता से आत्मकुंठा तक