स्वर की बहुरंगी विरासत और स्त्री-अभिव्यक्ति की स्वतंत्र आवाज़
एनडीए के राज में सुरक्षित नहीं हैं महिलाएं
‘रजत रानी मीनू’ की कविताओं में स्त्री – रुपक कुमार
नीतिशा खलखो की कविताएं
स्त्री आत्मकथा – अस्मिता संघर्ष तथा आत्मनिर्भर स्त्री
नाबालिग पत्नी से, बलात्कार का कानूनी अधिकार (हथियार): अरविंद जैन
समकालीन हिंदी आलोचना का स्त्री स्वर
उषा प्रियंवदा की कहानियों में स्त्री-अस्मिता का प्रश्न
विसंगतिग्रस्त समाज और स्त्री
स्त्री के रंगों की दुनिया
जाति, जेंडर और क्लास दलित स्त्रीवाद की धूरि
महिला मानवाधिकार बनाम घरेलू हिंसा
‘गूज बम्प्स’