पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन
“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
लिखने बैठा अभिजीत भट्टाचार्य की कुंठा लिख बैठा सहारनपुर का जोश
दलित पत्रकारिता का जूनून: कठिन डगर की राह पर डॉली कुमार
बाहर और घर, दोनो मोर्चों पर जिसने स्त्रीवादी संघर्ष किया
प्रेम, विवाह और स्त्री
साधु का लिंग महिला ने काटा: पितृसत्ता लहू-लुहान
स्त्रीसत्ता, लोकायत दर्शन और क्रान्ति की गति
फूलन देवी की ह्त्या के लिए सजायफ्ता है सहारनपुर की घटना का मास्टरमाइंड
सेक्स और स्त्री देह के प्रति सहजता और कुंठा के बीच महीन रेखा
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब