पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन
“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
स्त्री कविता: स्त्री पक्ष और उसके पार (क़िस्त तीन)
क्यों खबर ली स्मृति ईरानी ने ‘पहरेदार पिया की’: बंद हो सकता है प्रसारण !
मेरी रात मेरी सड़क आखिर क्यों?
कौन काट रहा उनकी चोटियाँ: एक तथ्यपरक पड़ताल
पंडिता रमाबाई की स्मृति में शुरू होगी व्याख्यानमाला
प्रधानमंत्री जी, राखी को लफ्फाजी न बनायें: बहनों को बलात्कारी भाजपाइयों से बचायें
सेक्सिस्ट बयानों और ट्रोलिंग के खिलाफ आगे आये लेखक: जारी किया वक्तव्य
सुनो पुरुष: असुंदर और वेश्यायें भी लेखिका हो सकती हैं, कवि, आलोचक और निर्णायक भी
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब