पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन
“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
दिमाग की सलाखों में कैद स्त्री
मर्दोत्सव और स्त्रीविलाप बीच होलिका का लोकमिथ
इस्लाम में हराम परिवार-नियोजन: एक मिथक
अमानवीय सौन्दर्यधारणाओं से मुक्ति श्रीदेवी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी!
‘विजय संकेत’ के रूप में स्त्री शरीर
तुलसीराम की बेटी ने लिखा राधादेवी को खत , एक शोधार्थी पर उठाई उंगली
‘राष्ट्रवादी’ इतिहासकार काशी प्रसाद जायसवाल: एक स्त्रीवादी अवलोकन
दलित स्त्री-लेखन का पहला दस्तावेज: मांग महारों का दुःख (1855)
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब