पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन
“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
घृणित विचारों और कृत्यों वाले पत्रकार की आत्मप्रशस्ति है यह, आत्मभंजन नहीं मिस्टर जोशी
कान फिल्म महोत्सव में मेरी बेटी (बेटी की शिखर-यात्रा माँ की नजर में)
जब पक्ष-विपक्ष के लोगों ने महिला विधायक पर की द्विअर्थी टिप्पणियाँ ( बिहार विधानसभा में अश्लील टिप्पणियों का वह माजरा)
लेखकीय नैतिकता और पाठकों से विश्वासघात!
आमिर खान और उनकी बेटी का अपमान: सिलसिला पुराना है, ट्रॉल्स नये हैं
स्त्रीत्व और बाजार
स्कूलों में लगायें सैनिटरी पैड वेडिंग मशीन: राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिखा शिक्षा मंत्री को पत्र
माँ-बहन की गालियाँ देने वाले लोगों के तार सत्ताधीश से क्यों जुड़े होते हैं?
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब