स्वर की बहुरंगी विरासत और स्त्री-अभिव्यक्ति की स्वतंत्र आवाज़
एनडीए के राज में सुरक्षित नहीं हैं महिलाएं
‘रजत रानी मीनू’ की कविताओं में स्त्री – रुपक कुमार
नीतिशा खलखो की कविताएं
‘विज्ञापनों में महिलाओं का प्रस्तुतीकरण:आर्थिक और सामाजिक परिप्रेक्ष्य’
डॉ. अंबेडकर का स्त्रीवाद (एक विश्लेषणात्मक पुनरावलोकन )
मध्यकालीन ब्रजभाषा काव्य और स्त्री रचनाकार
प्रथम आधुनिक कविता ‘स्वप्न‘ में स्त्री चेतना
जेंडर और विज्ञान: एक नारीवादी परिप्रेक्ष्य
लिव-इन- संबंध एवं जातीय संरचना
स्त्री लेखन का स्त्रीवादी पाठ
कांशीराम से मायावती तक: दलित राजनीति और दलित स्त्री-प्रश्न
‘गूज बम्प्स’