ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा
होना चाहती हूं मूक इतिहास की बोली: बापू टावर (पटना) में मुखरित हुआ स्त्री स्वर
हंस ब्राह्मणवाद के यम ही नहीं,डाइवर्सिटी आंदोलन के स्तम्भ भी रहे!
“धरती भर आकाश” में स्त्री शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतिरोध
पश्चिम उत्तर प्रदेश : स्त्री की नियति
हरियाणा की मनीपुरी बहुएं
विमर्श से परे: स्त्री और पुरुष-आख़िरी क़िस्त
यह चुप्पी खतरनाक है
विमर्श से परे: स्त्री और पुरुष-दूसरी किश्त
ऊप्स मूमेंट : स्त्री को देह बनाते कैमरे
विमर्श से परे: स्त्री और पुरुष-पहली किश्त
हम चार दशक पीछे चले गए हैं :
स्त्री सुन्दरता के नये पैमाने : आत्ममुग्धता से आत्मकुंठा तक