रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
सूखा नशा
दलित स्त्रीवाद अंतरजातीय विवाह को सामाजिक बदलाव का अस्त्र मानता है -रजनी तिलक
सामाजिक क्रांति के लिए आवश्यक सावित्रीबाई फुले के महत्वपूर्ण दस्तावेज
अभी तो बहुत कुछ शेष था ! (रजनी तिलक का असमय जाना)
स्त्रीवाद की ` रिले रेस `में रमणिका गुप्ता का बेटन
पेरियार: महिलाओं की आजादी का पक्षधर मसीहा
तुलसीराम की बेटी ने लिखा राधादेवी को खत , एक शोधार्थी पर उठाई उंगली
दलित स्त्री-लेखन का पहला दस्तावेज: मांग महारों का दुःख (1855)
सजर्नर ट्रुथ : क्या पश्चिम की इस सावित्रीबाई को आप जानते हैं?
नाच एक संवेदनशील उपन्यास