‘रजत रानी मीनू’ की कविताओं में स्त्री – रुपक कुमार
नीतिशा खलखो की कविताएं
‘गूज बम्प्स’
बेटी दिवस पर विशेष : संजना तिवारी की कविताएं
त्योहारों के बहुजन सन्दर्भ
नागौर, राजस्थान में दलित दमन
क्यों मारी जा रही हैं दलित महिलायें
दलित स्त्रियाँ खुद लिखेंगी अपना इतिहास
जाति, जेंडर और क्लास दलित स्त्रीवाद की धूरि
वे कुन्तियाँ नहीं गौरव से भरी माँ हैं
शिक्षा में जातिगत और लिंगगत असमानता
प्रेमचंद का साहित्य और दलित स्त्री
“मैं अभागा सुअर हूं”