नारे, प्रतिरोध और मज़ा-मज़ाक
आधुनिक भारत में महिलाओं की भूमिका : परिवर्तन, उपलब्धियाँ और चुनौतियाँ
बाबू जगदेव प्रसाद की राजनीति: भाषा, प्रतीक और मुद्दे
शिवम् अवस्थी की कविताएँ और ग़ज़ल
दलित स्त्रियाँ खुद लिखेंगी अपना इतिहास
जाति, जेंडर और क्लास दलित स्त्रीवाद की धूरि
वे कुन्तियाँ नहीं गौरव से भरी माँ हैं
शिक्षा में जातिगत और लिंगगत असमानता
प्रेमचंद का साहित्य और दलित स्त्री
राजेंद्र यादव के अंतर्विरोध , हंस और दलित स्त्री अस्मिता के सवाल
एक साक्षात्कार लंबाणी जनजाति की स्त्रियों से
दलित स्त्रीवाद जैसी कोई अवधारणा नहीं है : तेजसिंह
‘द सेकंड सोच’: कटी हुई जुबानों के बीच सच का परचम