ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा
होना चाहती हूं मूक इतिहास की बोली: बापू टावर (पटना) में मुखरित हुआ स्त्री स्वर
हंस ब्राह्मणवाद के यम ही नहीं,डाइवर्सिटी आंदोलन के स्तम्भ भी रहे!
“धरती भर आकाश” में स्त्री शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतिरोध
पुस्तक समीक्षा: जिरहुल-जसिंता केरकेट्टा
प्रियदर्शन की कहानी “न्यू नॉर्मल” की समीक्षा
कोबाल्ट ब्लू: फ़िल्म समीक्षा
अनामिका की कहानियाँ अन्याय के धरातल को तोड़ती हैं
‘पाक’ की ‘सफाई’ पर प्रार्थना पत्र
‘फेंकने दो उन्हें गोबर’: फुले दम्पति की संघर्ष गाथा
अलविदा “रोज दीदी” (डॉ. रोज केरकेट्टा )
मुस्लिम महिलाओं के अधिकार, इस्लामी कानून, परंपराएँ और सामाजिक सुधार
स्त्री सुन्दरता के नये पैमाने : आत्ममुग्धता से आत्मकुंठा तक