ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा
होना चाहती हूं मूक इतिहास की बोली: बापू टावर (पटना) में मुखरित हुआ स्त्री स्वर
हंस ब्राह्मणवाद के यम ही नहीं,डाइवर्सिटी आंदोलन के स्तम्भ भी रहे!
“धरती भर आकाश” में स्त्री शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतिरोध
स्त्री मुक्ति के प्रश्न
और शहर का किताब हो जाना इश्क़ में…
आपहुदरी का लोकार्पण
‘दलित साहित्य : एक अन्तर्यात्रा’
अथ (साहित्य: पाठ और प्रसंग)
हिंदी उपन्यास और थर्ड जेंडर
मनुस्मृतिः जेंडर हिंसा का कानूनी ग्रंथ
दलित स्त्रियाँ खुद लिखेंगी अपना इतिहास
स्त्री सुन्दरता के नये पैमाने : आत्ममुग्धता से आत्मकुंठा तक