ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा
होना चाहती हूं मूक इतिहास की बोली: बापू टावर (पटना) में मुखरित हुआ स्त्री स्वर
हंस ब्राह्मणवाद के यम ही नहीं,डाइवर्सिटी आंदोलन के स्तम्भ भी रहे!
“धरती भर आकाश” में स्त्री शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतिरोध
धरती ( भूदेवी ) जहाँ होती हैं रजस्वला !
जेंडर और जाति के कुंडलों को तोडता लेखन और सत्ता की कुर्सी
कैफी आज़मी इप्टा सांस्कृतिक केंद्र ,पटना का उदघाटन किया शबाना आज़मी ने
जाति, जेंडर और क्लास दलित स्त्रीवाद की धूरि
सच्चे अर्थों मे जनकवि थे नामदेव ढसाल
इस दुनिया को जितनी जल्दी हो बदल देना चाहिए
कार्बाइड का कलंक : औरतों की आपबीतियां
कार्बाइड का कलंक
स्त्री सुन्दरता के नये पैमाने : आत्ममुग्धता से आत्मकुंठा तक