लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
सारे दल साथ -साथ फिर भी महिला आरक्षण बिल औंधे मुंह : क़िस्त सात
आरक्षण के भीतर आरक्षण : क्यों नहीं सुनी गई आवाजें : छठी क़िस्त
महिला संगठनों, आंदोलनों ने महिला आरक्षण बिल को ज़िंदा रखा है : वृंदा कारत: पांचवी क़िस्त
वह इतिहास, जो बन न सका : राज्यसभा में महिला आरक्षण : चौथी क़िस्त
महिला आरक्षण को लेकर संसद में बहस :तीसरी क़िस्त
महिला आरक्षण को लेकर संसद में बहस :दूसरी क़िस्त
मायावती का चरित्रहनन और राजनीतिक पतन का मर्सिया
मीसा भारती: महिलाओं को अधिकार दिये बिना सामाजिक न्याय अधूरा
सूखा नशा