लोक से विश्व तक गूंजती छत्तीसगढ़ की धड़कन अब खामोश: तीजन बाई
रीतिकालीन कविता और स्त्री यौनिकता विमर्श
हँसना है तो थोड़ा रो लें: मैं वापस आऊंगा’
“भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री-अस्मिता कीअभिव्यक्ति : एक आलोचनात्मक अध्ययन”
दलित स्त्रियों पर पुलिसिया बर्बरता का नाम है नीतीश सरकार
मेरी ज़िंदगी का सिर्फ़ एक तिहाई हिस्सा ही मेरा है: जयललिता
देश के किसी नेता में न यह हैसियत है, न हिम्मत की वह तानाशाही लेकर आये: देवीप्रसाद त्रिपाठी
क्रांति के अग्रदूत का जाना: लाल सलाम कामरेड
सौ के नोट दिखाते लंपट और परेशान महिलायें
समानता के लिए जरूरी है महिला आरक्षण: सीताराम येचुरी
पहली महिला राष्ट्रपति नहीं सेक्सिस्ट राष्ट्रपति: अमेरिकी जनादेश
मेरे अल्लाह मेरी दुआ सुनना : अरावली हिल्स पर पथराई आँखों की पुकार
सूखा नशा