ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा
होना चाहती हूं मूक इतिहास की बोली: बापू टावर (पटना) में मुखरित हुआ स्त्री स्वर
हंस ब्राह्मणवाद के यम ही नहीं,डाइवर्सिटी आंदोलन के स्तम्भ भी रहे!
“धरती भर आकाश” में स्त्री शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतिरोध
वह भविष्य का नेता था लेकिन राजनीति ने उसे तुष्टिकरण में फंसा दिया (!)
‘राष्ट्रवादी’ इतिहासकार काशी प्रसाद जायसवाल: एक स्त्रीवादी अवलोकन
राष्ट्रीय आंदोलन में महिलायें और गांधीजी की भूमिका पर सवाल
उसने पद्मावतियों को सती/जौहर होते देखा है ..
खुर्राट पुरुष नेताओं को मात देने वाली इंदिरा प्रियदर्शिनी
इतिहास से अदृश्य स्त्रियाँ
डा. अम्बेडकर की पहली जीवनी का इतिहास और उसके अंश
क्या आप जानते हैं गांधी की पहली जीवनी लेखिका कौन थीं, कब और किस भाषा की थीं ?
स्त्री सुन्दरता के नये पैमाने : आत्ममुग्धता से आत्मकुंठा तक