ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा
होना चाहती हूं मूक इतिहास की बोली: बापू टावर (पटना) में मुखरित हुआ स्त्री स्वर
हंस ब्राह्मणवाद के यम ही नहीं,डाइवर्सिटी आंदोलन के स्तम्भ भी रहे!
“धरती भर आकाश” में स्त्री शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतिरोध
रांची में अगस्त की वो रातें जब लोगों के सिर पर सवार था खून… HEC में बन रहे थे चाकू, खंजर और भाला..
भारतीय महिलाओं के अधिकार: अतीत से वर्तमान तक की यात्रा
सत्यजीत राय के वाजिद अली शाह
क्या एक मिथ (फातिमा शेख) के बरक्स सच कहना साम्प्रदायिकता है ?
गिद्ध संस्कृति के विरुद्ध गौरैया की गुहार
मदर इंडिया: एक संघर्षरत भारतीय स्त्री की अमर कथा
अमृता प्रीतम की पिंजर: पुरुष पात्र रशीद के अनैतिक से नैतिक बनने के प्रयास की यात्रा
नोबेल पुरस्कार जीतने वाली पहली अफ्रीकी-अमेरिकी महिला–टोनी मॉरिसन
स्त्री सुन्दरता के नये पैमाने : आत्ममुग्धता से आत्मकुंठा तक