गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
व्यावसायिक जोखिम का लैंगिक विमर्श
खुफिया अभियानों की गुमनाम साथी : घरेलू दायरे से क्रांतिकारी अभियान तक
अनिता भारती की किताब को ‘ सावित्री बाई फुले वैचारिकी सम्मान, 2016’ की घोषणा
विष्णु जी, ब्राहमणवाद से हमारी लड़ाई जारी रहेगी !
एक ‘अच्छी औरत’, स्मृति ईरानी के पक्ष में ( खुला ख़त , सेवा में जिनसे संबंधित हो)
होली का स्त्रीवादी पाठ
नंदलाला के लिए होली और गोपियों के लिए गाली : होली के बहाने स्त्रियों की यौनिकता पर प्रहार
मैं हिजड़ा… मैं लक्ष्मी
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय