कहानी: टुकी मिसिर
जदयू में उतराधिकार : नीतीश मॉडल की नयी पटकथा
इमाम आयतुल्लाह ख़ामेनेई से नासिरा शर्मा का साक्षात्कार
महकार की महागाथा: लोकतंत्र का एक जीवित महाकाव्य है महकार
टूट रही हैं वर्जनाएं: अनेक रिश्तों में होना आखिरी टैबू
पश्चिम बनाम पूरब, यूरोप बनाम भारत, अंग्रेज़ी बनाम हिंदी, राजनीति बनाम संस्कृति, वर्ग बनाम अस्मिता – नए विमर्शों का समायोजन
हाशिये का समाज एवं रमणिका गुप्ता का संघर्ष
संभोग के लिए हिंसक शब्दावली: पितृसत्तात्मक शक्ति संरचना में असामान्य शब्दों का सामान्यीकरण
हां मुझे फर्क पड़ता है…
एको एको जिंदगी, खुल के जिवांगें
महाश्वेता देवी की जंग का फ़ैसला , 25 साल बाद
अमृता प्रीतम की पिंजर: पुरुष पात्र रशीद के अनैतिक से नैतिक बनने के प्रयास की यात्रा
ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा