अतिपिछड़ा दावेदारी सम्मेलन में 18 जिलों के प्रतिनिधि जुटे, जाति गणना और संख्यानुपातिक हिस्सेदारी पर जोर
गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
क्रूर और हिंसक यथार्थ में प्रेम और करुणा को बचाये रखने की कोशिश है समकालीन स्त्री- कविता
तानाशाह के खिलाफ वह खूबसूरत शख्सियत, हमें भी पढ़ा गयी पाठ!
भिखारी ठाकुर की तुलना शेक्सपियर से करना भिखारी ठाकुर का अपमान है
ललदेद के वाखों में आत्मानुभूति, देह और ज्ञान की लोकमीमांसा : कश्मीरी शैव दर्शन, स्त्री-अनुभव और सांस्कृतिक चेतना का सैद्धांतिक पुनर्पाठ
#MeToo (मीटू) ने औरतों को विरोध की भाषा दी: मेरा रंग के दूसरे वार्षिक समारोह में पैनल-चर्चा और काव्य पाठ
सिर्फ चीत्कार और उच्छ्वास ही लेखन नहीं है: ममता कालिया
हैप्पी बड्डे #MeToo: एक साल का हुआ मीटू अभियान: कितना असर-कितना बेअसर!
‘यौन हिंसा के सन्दर्भ में लज्जित करने की रणनीति’ (यशपाल के झूठा-सच में)
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में