कहानी: टुकी मिसिर
जदयू में उतराधिकार : नीतीश मॉडल की नयी पटकथा
इमाम आयतुल्लाह ख़ामेनेई से नासिरा शर्मा का साक्षात्कार
महकार की महागाथा: लोकतंत्र का एक जीवित महाकाव्य है महकार
ब्राह्मण होने का दंश: कथित पवित्रता की मकड़जाल
ऑर्गेज़्मिक पैरिटी की चैरिटी बनाम ‘योनि उद्धारक’ बाजार
बेड़ियाँ तोड़ती स्त्री : मेरी रॉय, जिसने सम्पत्ति में समान उत्तराधिकार की लड़ाई लड़ी
एक पत्र जो उसने आत्महत्या का निर्णय टालने के पूर्व लिखा था
उस संस्थान में ब्राह्मणों की अहमियत थी
‘लिखो इसलिए’ व श्रीदेवी की अन्य कविताएं
हां उनकी नजर में जाति-घृणा थी, वे मेरे दोस्त थे, सहेलियां थीं
बिहार की सावित्रीबाई फुले कुन्ती देवी की कहानी
ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा