कहानी: टुकी मिसिर
जदयू में उतराधिकार : नीतीश मॉडल की नयी पटकथा
इमाम आयतुल्लाह ख़ामेनेई से नासिरा शर्मा का साक्षात्कार
महकार की महागाथा: लोकतंत्र का एक जीवित महाकाव्य है महकार
स्वप्न भी एक शुरुआत है
कम से कम एक दरवाज़ा
मलाला की कहानी बी बी सी के जुबानी
एक क्रांतिकारी की पत्नी का आत्मकथ्य
इतिहास का अंधकूप बनाम बंद गलियों का रूह -चुह : गया में यौनकर्म और यौनकर्मी : अंतिम क़िस्त
स्त्री-शक्ति की भूमिका से उठते कई सवाल
इतिहास का अंधकूप बनाम बंद गलियों का रूह-चुह : गया में यौनकर्म और यौनकर्मी : पहली क़िस्त
हर पुरुष अपनी चमड़ी के भीतर मर्द ही होता है
ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा