वह राहुल गांधी से प्यार करती है, हथेलियों में रैक्व की आत्मा है
बागमती किनारे बढ़ती प्यास
“पेड़,पानी और प्रतिबद्धता : विजयपुरा की हरियाली की अद्भुत कहानी”
आस्था का सम्मान
स्त्री देह में कैद एक पुरुष हूँ मैं…
पुरुषों की तुलना में स्त्रियों का नैतिक विकास अधिक : अनामिका
आदिवासी युवती की हत्या को आत्महत्या करार देने की पुलिसिया साजिश (सामूहिक बलात्कार की भी आशंका)
बेटियों का नाम अनचाही, फालतू…. (बदलाव के दौर में रूढ़िवादी मानसिकता की शिकार होती बेटियाँ)!
पितृसत्ता का छल और जे.एन.यू. छात्राएं
‘विजय संकेत’ के रूप में स्त्री शरीर
तुलसीराम की बेटी ने लिखा राधादेवी को खत , एक शोधार्थी पर उठाई उंगली
स्मृति जी कंडोम के विज्ञापन वल्गर तो डीयो के संस्कारी कैसे?
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’