नाच एक संवेदनशील उपन्यास
राहुल गांधी,कांग्रेस की परंपरा और INDIA गठबंधन का असहज भविष्य
भारतीय राजनीति के आधुनिक दधीचि हैं लालू प्रसाद!
ऑब्जेक्टिव प्रश्न से आत्मबोध तक : बाबासाहेब की खोज
वो खौफ़ खा गया और अन्य कविताएँ
न्याय के भंवर में भंवरी
स्त्रीवाद की ` रिले रेस `में रमणिका गुप्ता का बेटन
“मैना का ख़ून” और ज़ूबी मंसूर की अन्य कविताएं
मर्दोत्सव और स्त्रीविलाप बीच होलिका का लोकमिथ
होलिका जुड़वाती स्त्रियाँ
चारपाई (रजनी दिसोदिया की कहानी)
नीच (रज़िया सज्जाद ज़हीर की कहानी)
कवि कभी मरता नहीं, वह अपनी रचनाओं में जीवित रहता है