नाच एक संवेदनशील उपन्यास
राहुल गांधी,कांग्रेस की परंपरा और INDIA गठबंधन का असहज भविष्य
भारतीय राजनीति के आधुनिक दधीचि हैं लालू प्रसाद!
ऑब्जेक्टिव प्रश्न से आत्मबोध तक : बाबासाहेब की खोज
भिखारी ठाकुर की तुलना शेक्सपियर से करना भिखारी ठाकुर का अपमान है
मुन्नी गुप्ता की कविताएं ( प्रेतछाया और रोटी का सवाल व अन्य)
तीस घटा पाँच बराबर आज़ाद और मुकद्दस औरत (पतनशील पत्नियों के नोट्स से)
सत्यप्रकाश की कविताएं (शब्द व अन्य)
सिर्फ चीत्कार और उच्छ्वास ही लेखन नहीं है: ममता कालिया
राकेश श्रीमाल की कविताएँ
घेराबंदी (अरविंद जैन की कहानी)
‘यौन हिंसा के सन्दर्भ में लज्जित करने की रणनीति’ (यशपाल के झूठा-सच में)
कवि कभी मरता नहीं, वह अपनी रचनाओं में जीवित रहता है