महकार की महागाथा: लोकतंत्र का एक जीवित महाकाव्य है महकार
ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा
होना चाहती हूं मूक इतिहास की बोली: बापू टावर (पटना) में मुखरित हुआ स्त्री स्वर
हंस ब्राह्मणवाद के यम ही नहीं,डाइवर्सिटी आंदोलन के स्तम्भ भी रहे!
हिंदी साहित्य में आदिवासी महिलाओं का योगदान
गांव की पाठशाला जिसने सबको बांध दिया:जूलिया वेबर गार्डन की डायरी
शालिनी मोहन की कवितायेँ : ‘परिभाषित’ व अन्य
प्रतिभा श्री की कविताएं: वर्णमाला व अन्य
स्त्रीवादी भी.मार्क्सवादी भी करते हैं लिंचिंग: पाखी पत्रिका का बलात्कार प्रकरण
गूगल का डूडल इस्मत चुगताई के नाम
प्रेम का आविष्कार करती औरतें और अन्य कविताएं (रोहित ठाकुर)
समकालीन हिन्दी-उर्दू कथा साहित्य में मुस्लिम स्त्रियाँ: संघर्ष और समाधान
“धरती भर आकाश” में स्त्री शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतिरोध