गैंगस्टर माँ का साया और एक आज़ाद बेटी की परवाज़
परायों की गली में नितांत अकेला कुशवाहा सम्राट (चौधरी) !
प्रतीकों की लड़ाई: महिष दसरा, वर्चस्व का इतिहास और सत्ता का मौन
फिल्मों में स्त्री-भूमिका के प्रश्न “भूमिका” फ़िल्म के सन्दर्भ में
हृदयहीन शासकों, सुनो बच्चों की चीख और माओं की आहें !
सुनो पुरुष: असुंदर और वेश्यायें भी लेखिका हो सकती हैं, कवि, आलोचक और निर्णायक भी
निलंबित हुईं नक्सलियों के शहरी नेटवर्क के शक के साथ संविधानवादी जेलर वर्षा डोंगरे
सोनी सोरी की जेलर रही वर्षा डोंगरे ने कहा पुलिस करती है महिलाओं का अश्लील टॉर्चर
दलित स्त्रियों पर पुलिसिया बर्बरता का नाम है नीतीश सरकार
एबीवीपी-सदस्य की आत्मग्लानि:पत्र से खोला राज, कहा रोहित वेमुला की संस्थानिक हत्या थी साजिश
कार्बाइड का कलंक : औरतों की आपबीतियां
कार्बाइड का कलंक
ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय