कहानी: टुकी मिसिर
जदयू में उतराधिकार : नीतीश मॉडल की नयी पटकथा
इमाम आयतुल्लाह ख़ामेनेई से नासिरा शर्मा का साक्षात्कार
महकार की महागाथा: लोकतंत्र का एक जीवित महाकाव्य है महकार
कंगना, गैंगस्टर और गुलशन की भाषा बनाम फिल्म जगत का मर्दवाद
आधा चाँद : खंडित व्यक्तित्व की पीड़ा
क्या बिहारी फिल्मों की खोई प्रतिष्ठा वापस लायेगी ‘मिथिला मखान’ ?
रील और रीयल ज़िदगी: एक इनसाइड अकाउंट
ऐ साधारण लड़की ! क्यों चुनी तुमने मौत !!
प्रवेश सोनी के रेखाचित्र
मैं जनता के संघर्षों के गायक हूँ : संभाजी भगत
क्या ऐसे ही होगी ‘थियेटर ओलम्पिक 2018’ की तैयारी ?
ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा