Homeस्त्रीवाद स्त्रीवादस्वास्थ्य स्वच्छ भारत अभियान की सच्चाई जानें: महिला एक्टिविस्ट ने उठाये सवाल By streekaal July 12, 2017 0 500 FacebookTwitterPinterestWhatsApp महिला एक्टिविस्ट ममता दास ने खोली स्वच्छ भारत अभियान की पोल. घरों में तो किसी तरह बन गये शौचालय, जिसका इस्तेमाल नहीं होता, लेकिन खेत-खलिहान, हाट-बाजार जाने वाली महिलाओं के लिए क्या? Tagsममता दासवीडियोशौचालयस्वच्छ भारत Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp Previous articleसामंती हवेलियों में दफ्न होती स्त्रीNext articleयक्ष-प्रश्न और अन्य कविताएँ Related Articles राजनीतिक महकार की महागाथा: लोकतंत्र का एक जीवित महाकाव्य है महकार राजनीति ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा साहित्य होना चाहती हूं मूक इतिहास की बोली: बापू टावर (पटना) में मुखरित हुआ स्त्री स्वर LEAVE A REPLY Cancel reply Comment: Please enter your comment! Name:* Please enter your name here Email:* You have entered an incorrect email address! Please enter your email address here Website: Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment. ISSN 2394-093X 418FansLike783FollowersFollow73,600SubscribersSubscribe Latest Articles राजनीतिक महकार की महागाथा: लोकतंत्र का एक जीवित महाकाव्य है महकार राजनीति ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा साहित्य होना चाहती हूं मूक इतिहास की बोली: बापू टावर (पटना) में मुखरित हुआ स्त्री स्वर इतिहास हंस ब्राह्मणवाद के यम ही नहीं,डाइवर्सिटी आंदोलन के स्तम्भ भी रहे! ऑनलाइन शोध जर्नल “धरती भर आकाश” में स्त्री शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतिरोध Load more