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बेटी दिवस पर विशेष : संजना तिवारी की कविताएं

बेटियों के लिए  सुबह  किरणों के रथ पर  आती हैं बेटियां  इन्हीं से खुशबू उधार लेकर  फूल बिखेरते हैं खुशबू  बेटियाँ ही कोयल को सिखलाती हैं तान जहाँ जन्म लेती हैं ये बसंत...

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कला-संस्कृति

‘गूज बम्प्स’

कहानी- चंद्रसेन ‘डूड’…  “इस यूनिवर्सिटी का यही झंझट है,” नैना ने बालों के जूड़े में पेन खोंसते हुए बोली, “इतनी साहित्यिक हिंदी मुझसे नहीं होती… वो भी ये...

स्वास्थ्य

‘गूज बम्प्स’

कहानी- चंद्रसेन ‘डूड’…  “इस यूनिवर्सिटी का यही झंझट है,” नैना ने बालों के जूड़े में पेन खोंसते हुए बोली, “इतनी साहित्यिक हिंदी मुझसे नहीं होती… वो भी ये...
ISSN 2394-093X
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समसामयिकी

‘गूज बम्प्स’

कहानी- चंद्रसेन ‘डूड’…  “इस यूनिवर्सिटी का यही झंझट है,” नैना ने बालों के जूड़े में पेन खोंसते हुए बोली, “इतनी साहित्यिक हिंदी मुझसे नहीं होती… वो भी ये...

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“मैं अभागा सुअर हूं”

कहानी: चंद्रसेन हॉय, डॉ. मोहन!” “हेलो, बेंसन।” मोहन अभी अपनी क्लॉस लेकर बाहर निकले ही थे कि उनका सबसे प्रिय, किंतु नटखट चीनी छात्र बेंसन सामने आ...

कहानी: टुकी मिसिर

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जदयू में उतराधिकार : नीतीश मॉडल की नयी पटकथा

अरुण आनंद बिहार की राजनीति में वंशवाद शब्द पिछले तीन दशकों से एक खास राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल होता रहा है। जब भी...

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