खबरें

कवि कभी मरता नहीं, वह अपनी रचनाओं में जीवित रहता है

सुरेंद्र स्निग्ध की 74वीं जयंती पर ‘क्यूटिकिल्स एवं अन्य कहानियाँ’ का लोकार्पण  “कवि कभी मरता नहीं, वह अपनी रचनाओं में जीवित रहता है और अपने...

साहित्य

कला-संस्कृति

ऑब्जेक्टिव प्रश्न से आत्मबोध तक : बाबासाहेब की खोज

अम्बेडकरवादी विचारक और स्त्रीकाल के संपादक संजीव चंदन, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के अपने जीवन पर पड़े गहन प्रभाव का आत्मीय और विचारोत्तेजक...

स्वास्थ्य

ऑब्जेक्टिव प्रश्न से आत्मबोध तक : बाबासाहेब की खोज

अम्बेडकरवादी विचारक और स्त्रीकाल के संपादक संजीव चंदन, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के अपने जीवन पर पड़े गहन प्रभाव का आत्मीय और विचारोत्तेजक...
ISSN 2394-093X
418FansLike
783FollowersFollow
73,600SubscribersSubscribe

पढ़ी जा रही हैं

समसामयिकी

ऑब्जेक्टिव प्रश्न से आत्मबोध तक : बाबासाहेब की खोज

अम्बेडकरवादी विचारक और स्त्रीकाल के संपादक संजीव चंदन, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के अपने जीवन पर पड़े गहन प्रभाव का आत्मीय और विचारोत्तेजक...

कवि कभी मरता नहीं, वह अपनी रचनाओं में जीवित रहता है

सुरेंद्र स्निग्ध की 74वीं जयंती पर ‘क्यूटिकिल्स एवं अन्य कहानियाँ’ का लोकार्पण  “कवि कभी मरता नहीं, वह अपनी रचनाओं में जीवित रहता है और अपने...

‘रजत रानी मीनू’ की कविताओं में स्त्री’

शोध सारांश: क्यों समाज में और देश स्त्री को अभी भी वह जगह नहीं मिली है जिसके वो हकदार हैं? स्त्री और पुरुष दोनों...

 सीवान की संस्कृति एवं कला

सीवान बिहार राज्य के पश्चिमोत्तर सीमा पर स्थित जिला है। यह दाहा नदी के किनारे बसा है।  यह पहले सारण जिले के अंतर्गत शामिल...

ओटीटी और भारतीय समाज की बदलती ‘दर्शक संस्कृति’

भारतीय समाज प्रारंभ से ही उत्सव धर्मी रहा है। खेत खलिहान के कार्यों से फुर्सत मिलने पर, मनोरंजन के लिए, मेला  तमाशा, सॉन्ग, नौटंकी,...

बड़ी ख़बरें

ऑब्जेक्टिव प्रश्न से आत्मबोध तक : बाबासाहेब की खोज

अम्बेडकरवादी विचारक और स्त्रीकाल के संपादक संजीव चंदन, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के अपने जीवन पर पड़े गहन प्रभाव का आत्मीय और विचारोत्तेजक...

Latest Articles

लोकप्रिय