पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन
“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
नरसंहारों का स्त्रीपक्ष
ताकि पीड़िताओं को बार –बार बलात्कार से न गुजरना पड़े
ताकि बलात्कार पीड़िताओं को बार –बार बलात्कार से न गुजरना पड़े
साहस का सौंदर्यशास्त्र गढ़ती नायिकाएं
सेलेब्रटिंग कैंसर
स्त्रीविमर्श में जाति, वर्ग और धार्मिक पहचान की महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए : नमिता सिंह
1990 के बाद का हिंदी समाज और अद्विज हिंदी लेखन
किस हाल में हैं बोधगया भूमि मुक्ति आन्दोलन की जमीन मालकिनें !
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब