पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन
“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
पितृसत्तात्मक दृष्टिकोण और स्त्री की आजादी विशेष संदर्भ-मैत्रेयी की कहानी “पगला गयी है भागवती”
मेरी ज़िंदगी का सिर्फ़ एक तिहाई हिस्सा ही मेरा है: जयललिता
हिंसा में कोई मर्दानगी नहीं
मुल्क में बड़े जन आंदोलन की जमीन तैयार हो रही है: मेधा पाटेकर
फेसबुक की खिड़की से झांकती ललनायें/असूर्यमपश्यायें
समाज, संसाधन और संविधान बचाने के लिए एकजुट हों – मेधा पाटकर
कोने से कमरे तक: चार पीढ़ियों की अन्तर्यात्रा
महात्मा जोतीबा फुले का ब्राह्मणवाद से संघर्ष
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब