पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन
“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
मैला ढोने वाली महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री को ख़त
राजेंद्र यादव से मन्नू का प्रेम ठोस था: वे पत्नी और प्रेमिका दोनो रहीं
मैत्रेयी इतनी इर्ष्यालू थी कि वह नजर रखती थी कि राजेंद्र जी के पास कौन आ रहा है (?)
‘ग्लोबल बहुजन एवार्ड’से सम्मानित हुईं मनीषा बांगर
स्त्री कामुकता का उत्सव मानती फ़िल्म ‘मार्गरीटा विद अ स्ट्रॉ’
स्त्री विमर्श और ‘कठगुलाब’
स्त्रीवाद और महादेवी की ‘श्रृंखला’ की कड़ियाँ’
भारतीय नवजागरण के स्त्री सरोकार की वैचारिकी
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब