पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन
“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
बलात्कार को सिर्फ परिचर्चा का विषय नहीं बनायें
और मैं फूलनदेवी से जुड़ गई
मोदी जी, लहू का लगान आपकी लुटिया न डुबो दे !
कांशीराम से मायावती तक: दलित राजनीति और दलित स्त्री-प्रश्न
नैचुरल सेल्फी की मुहीम: सौन्दर्य बाजार को लड़कियों की चुनौती
‘दर्दजा‘: हव्वा को पता होता तो वह बेऔलाद रह जाती
पांच रूपये और पांच मिनट का क्रूर फेयर और लवली व्यापार
महिला पत्रकारों को अपनी सलाहकार समिति में शामिल करेगी बिहार विधानसभा (!)
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब