पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना : एक किताब,एक पहल
बच्चों की क़त्लगाह ग़ाज़ा पट्टी
दोहरी सियासत का शिकार फ़िलिस्तीन
“श्वेत पर्दे पर श्याम और उनकी ‘सुसमन ’ (The Essence)
किसी एक ब्राह्मण से अम्बेडकर, बुद्ध, रैदास की ताकत वाला दलित आन्दोलन खत्म नहीं हो सकता: रमणिका गुप्ता
यौन सुख पर अपना दावा ठोंकने वाली महिलाओं की कहानी है – लस्ट स्टोरीज़
रंगकर्मियों से बलात्कार : क्या बलात्कारी पीड़िता को खुद सही-सलामत वापस छोड़ते हैं? आदिवासी अधिकार की प्रवक्ता दयामनी बारला ने उठाये ऐसे कई सवाल
आपातकाल : पुलिसकर्मियों की पत्नियां, बहनें, बेटियाँ, मायें कर रही हैं आन्दोलन: गिरफ्तार हो रहे पुलिसकर्मी
पुलिस अधिकारों के लिए लड़ रही महिलायें: शासन के खिलाफ प्रशासन
हम सब को स्त्रीवादी होना चाहिए
पत्थलगड़ी के खिलाफ बलात्कार की सरकारी-संघी रणनीति (!)
प्रधानमंत्री का मां बनना: मातृत्व और राजनीति में महिलाओं की चुनौतियाँ
पोस्ट ट्रुथ के दौर में युवाओं (जेन Z) के आंदोलन : कुछ सवाल, कुछ जवाब