हिंदू कोड बिल से नारी शक्ति वंदन अधिनियम तक
रिपब्लिकन एकजुटता और युवा शक्ति को साथ लेकर लोकतंत्र को मजबूत करने का संकल्प हो
वंदना वाजपेयी की कहानियाँ : नई संवेदनाओं की कथा-यात्रा
नारे, प्रतिरोध और मज़ा-मज़ाक
भिखारी ठाकुर की तुलना शेक्सपियर से करना भिखारी ठाकुर का अपमान है
ललदेद के वाखों में आत्मानुभूति, देह और ज्ञान की लोकमीमांसा : कश्मीरी शैव दर्शन, स्त्री-अनुभव और सांस्कृतिक चेतना का सैद्धांतिक पुनर्पाठ
#MeToo (मीटू) ने औरतों को विरोध की भाषा दी: मेरा रंग के दूसरे वार्षिक समारोह में पैनल-चर्चा और काव्य पाठ
सिर्फ चीत्कार और उच्छ्वास ही लेखन नहीं है: ममता कालिया
हैप्पी बड्डे #MeToo: एक साल का हुआ मीटू अभियान: कितना असर-कितना बेअसर!
‘यौन हिंसा के सन्दर्भ में लज्जित करने की रणनीति’ (यशपाल के झूठा-सच में)
मीटू, यूटू: चुप हो तो बोलो, बोलने से उनका मनोबल टूटता है
मी टू कैंपेन से जुड़े कुछ सवाल, शंकाएं और भविष्य का भारत
आधुनिक भारत में महिलाओं की भूमिका : परिवर्तन, उपलब्धियाँ और चुनौतियाँ