स्वर की बहुरंगी विरासत और स्त्री-अभिव्यक्ति की स्वतंत्र आवाज़
एनडीए के राज में सुरक्षित नहीं हैं महिलाएं
‘रजत रानी मीनू’ की कविताओं में स्त्री – रुपक कुमार
नीतिशा खलखो की कविताएं
इस्लाम में हराम परिवार-नियोजन: एक मिथक
‘विजय संकेत’ के रूप में स्त्री शरीर
‘राष्ट्रवादी’ इतिहासकार काशी प्रसाद जायसवाल: एक स्त्रीवादी अवलोकन
राष्ट्रीय आंदोलन में महिलायें और गांधीजी की भूमिका पर सवाल
भारतीय उपमहाद्वीप का स्त्री लेखन: स्त्री सशक्तीकरण की अनुगूंजें
वेश्यावृत्ति का समुदायिकरण और उसका परंपरा बनना
हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायन में महिला कलाकारों का योगदान
महिला सरपंच : संप्रभुता का सवाल (प्राथमिक डाटा के आधार पर महिला सरपंचों की वास्तविक स्थिति का अध्ययन)
‘गूज बम्प्स’