ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा
होना चाहती हूं मूक इतिहास की बोली: बापू टावर (पटना) में मुखरित हुआ स्त्री स्वर
हंस ब्राह्मणवाद के यम ही नहीं,डाइवर्सिटी आंदोलन के स्तम्भ भी रहे!
“धरती भर आकाश” में स्त्री शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतिरोध
आचार्य श्रीराम शर्मा और स्त्री शिक्षा
वैवाहिक बलात्कार और हिंसा: एक अध्ययन
सत्ता में भारतीय महिलाओं की उपस्थिति: सामर्थ्य, सीमाएँ एवं संभावनाएँ
हिंदू कोड बिल और डॉ. अंबेडकर
‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ उपन्यास में प्रकृति चित्रण
स्त्री की यौन मुक्ति की लड़ाई, जो प्रो. कर्वे और डा. अम्बेडकर हार गये थे
क्रूर और हिंसक यथार्थ में प्रेम और करुणा को बचाये रखने की कोशिश है समकालीन स्त्री- कविता
भिखारी ठाकुर की तुलना शेक्सपियर से करना भिखारी ठाकुर का अपमान है
स्त्री सुन्दरता के नये पैमाने : आत्ममुग्धता से आत्मकुंठा तक