‘रजत रानी मीनू’ की कविताओं में स्त्री – रुपक कुमार
नीतिशा खलखो की कविताएं
‘गूज बम्प्स’
बेटी दिवस पर विशेष : संजना तिवारी की कविताएं
किस हाल में हैं बोधगया भूमि मुक्ति आन्दोलन की जमीन मालकिनें !
समग्र क्रांति का स्वप्न: अखिल भारतीय दलित महिला सम्मेलन
खैरलांजी के एक दशक के बाद भी बदस्तूर जारी है शोषण….
‘सावित्री बाई फुले वैचारिकी सम्मान’ (तृतीय) के लिए आवेदन / संस्तुतियां आमंत्रित
‘निजी’ आधार पर डा. आंबेडकर की ‘राजनीतिक छवि’ का स्त्रीवादी (?) नकार : दूसरी क़िस्त
‘राष्ट्रहित और आरक्षण’
सावित्रीबाई फुले वैच्रारिकी सम्मान के बाद लेखिका अनिता भारती का वक्तव्य
क्यों चुनी गई अनिता भारती की किताब ‘समकालीन नारीवाद : दलित स्त्री का प्रतिरोध” ‘सावित्रीबाई फुले वैचारिकी सम्मान’, 2016 के लिए
“मैं अभागा सुअर हूं”