ग्रामीण बिहार में “सूखा नशा” का बढ़ता जाल: 10 वर्षों से उभरता एक सामाजिक आपदा
होना चाहती हूं मूक इतिहास की बोली: बापू टावर (पटना) में मुखरित हुआ स्त्री स्वर
हंस ब्राह्मणवाद के यम ही नहीं,डाइवर्सिटी आंदोलन के स्तम्भ भी रहे!
“धरती भर आकाश” में स्त्री शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतिरोध
इंसाफ अधूरा है
एक सांस्कृतिक आंदोलन के चार साल
असहिष्णुता/ क्रूरता के खिलाफ एक आयोजन
राजनीति की स्त्रीविरोधी वर्णमाला
सुनपेड़ हत्या कांड : तथ्य और प्रतिबद्धता
हमारी पार्टी गरीबों की पार्टी है : दीपंकर भट्टाचार्य
औरत , विज्ञापन और बाजार
स्त्री सुन्दरता के नये पैमाने : आत्ममुग्धता से आत्मकुंठा तक