‘रजत रानी मीनू’ की कविताओं में स्त्री – रुपक कुमार
नीतिशा खलखो की कविताएं
‘गूज बम्प्स’
बेटी दिवस पर विशेष : संजना तिवारी की कविताएं
जेएनयू बलात्कार और वामपंथ का अवसरवाद
एबीवीपी-सदस्य की आत्मग्लानि:पत्र से खोला राज, कहा रोहित वेमुला की संस्थानिक हत्या थी साजिश
पितृसत्ता पर सबसे पहला मुक्का ऑप्रेस्ड कम्युनिटी की महिलाओं ने मारा है: सोनपिम्प्ले राहुल पुनाराम
बलात्कारी के खिलाफ छात्र
एक दूसरे के खिलाफ लड़ाई जा रही अस्मिताएं
अपनी -अपनी वेश्यायें : सन्दर्भ : जे एन यू सेक्स रैकेट
महिलाओं दलितों के खिलाफ है इनका राष्ट्रवाद : अपराजिता राजा
कंडोम- राष्ट्रवाद, जे एन यू और गार्गी का मस्तक
“मैं अभागा सुअर हूं”