आस्था का सम्मान
‘शतरंज’ की बिसात पर सोशल मीडिया ‘के खिलाड़ी’
स्वर की बहुरंगी विरासत और स्त्री-अभिव्यक्ति की स्वतंत्र आवाज़
एनडीए के राज में सुरक्षित नहीं हैं महिलाएं
पश्चिम बनाम पूरब, यूरोप बनाम भारत, अंग्रेज़ी बनाम हिंदी, राजनीति बनाम संस्कृति, वर्ग बनाम अस्मिता – नए विमर्शों का समायोजन
हाशिये का समाज एवं रमणिका गुप्ता का संघर्ष
हां मुझे फर्क पड़ता है…
सिक्स पैक सीता
कथाकार राजेन्द्र सजल के कथा संग्रह ‘अंतिम रामलीला’ पर परिचर्चा
मनोसांकृतिक संरचना एवं हिंसा का अंतरसंबंध : हेजेमोनी और दलित स्त्री
‘तिवाड़ी परिवार’ में जातिभेद और छुआछूत बचपन से देखा
ब्राह्मण होने का दंश: कथित पवित्रता की मकड़जाल
‘रजत रानी मीनू’ की कविताओं में स्त्री – रुपक कुमार