ऐतिहासिक और अमिट है समाजवाद की वैचारिक धारा वरसी जी स्मृति समारोह में वक्ताओं की राय

— वीरेंद्र यादव न्यूज —

पूर्व विधायक और पीरो के गांधी के नाम से चर्चित स्व. राम एकबाल सिंह वरसी की 10वीं पुण्यतिथि के मौके पर 4 अक्टूबर को पटना के गांधी मैदान स्थित गांधी संग्रहालय में वरसी जी स्मृति समारोह का आयोजन किया गया। इसका आयोजन सोनांचल विकास परिषद ने वीरेंद्र यादव फाउंडेशन के सहयोग से किया था।
उल्लेखनीय है कि राम एकबाल सिंह वरसी 1969 से 1972 तक पीरो के विधायक थे। वे स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने 1974 के छात्र आंदोलन में भी बड़ी भूमिका का निर्वाह किया था।
वरसी जी पुण्यतिथि 10 अक्टूबर को है। इससे करीब एक सप्ताह पहले ही 4 अक्टूबर को वरसी जी स्मृति समारोह का आयोजन किया गया। इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र प्रसाद यादव, विधान परिषद के पूर्व उपसभापति डाॅ रामचंद्र पूर्वे, बिहार राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य डाॅ जग नारायण सिंह, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डाॅ गोरेलाल यादव, औरंगाबाद जिला परिषद के पूर्व सदस्य राजीवन रंजन सिन्हा समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थिति थे। वरसी जी के पुत्र डाॅ शिवजी सिंह और पुत्रवधू चौधरी मायावती भी समारोह में शामिल थीं।
समारोह के दौरान वक्ताओं ने वरसी जी से जुड़े अनुभव साझा करने के साथ ही समाजवाद की प्रासंगिकता पर भी प्रकाश डाला। समारोह में संगोष्ठी का विषय भी ‘राजनीति में समाजवाद की प्रासंगिकता’ पर केंद्रित था। इस दौरान अपनी बात रखते हुए देवेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि समाजवाद और समाजवादी धारा एक ऐतिहासिक ताकत है और यह अमिट है। यह कभी मर नहीं सकता है। उन्होंने देश के वर्तमान हालात पर चर्चा करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तानाशाही वास्तविक तानाशाही से भी ज्यादा खतरनाक है और लोकतांत्रिक तानाशाही को लेकर जनता को सचेत रहना चाहिए। डाॅ रामचंद्र पूर्वे ने कहा कि समाजवादी आंदोलनों में नारा की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है। डाॅ राममनोहर लोहिया के बहुत सारे नारे समाजवाद की जड़ों को गहरी की और उसे आम लोगों तक ले गये। उन्होंने कहा कि नारों को आंदोलनों की आत्मा भी कहा जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान डाॅ जगनारायण सिंह द्वारा संपादित पुस्तक ‘पीरो के गांधी’ की भी खूब चर्चा हुई। इस पुस्तक में वरसी की चिट्ठी, पर्चा, बुकलेट के साथ ही उनके जीवन संघर्ष की गाथा भी संकलित की गयी है। इसमें वरसी जी पर लेखक के विचार भी महत्वपूर्ण हैं। इस पुस्तक की एक-एक प्रति शिवजी सिंह और चौधरी मायावती ने मंचासीन अतिथियों को भेंट की। पुस्तक पर अपनी राय रखते हुए स्त्रीकाल के संपादक संजीव चंदन ने कहा कि पुस्तक हर किसी का पढ़ना चाहिए। इस पुस्तक के माध्यम से वरसीजी के साथ उनके समय की राजनीति, समाज और संचालित हो रहे आंदोलनों की दिशा को भी समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पुस्तक की सामग्री अपने आप में समय के साक्ष्य हैं।
कार्यक्रम के संयोजक और सोनांचल विकास परिषद के अध्यक्ष वीरेंद्र यादव ने कहा कि परिषद की ओर से आयोजित ‘वरसी जी स्मृति समारोह’ पहला कार्यक्रम है। सोनांचल विकास परिषद के कार्यों को और विस्तार दिया जाएगा। साथ ही मगध और शाहाबाद के जिलों में इसकी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
अर्चना यादव और आदित्य यादव ने अतिथियों का स्वागत किया तथा संबोधन के दौरान कार्यक्रम के औचित्य पर प्रकाश भी डाला। धन्यवाद ज्ञापन बिहार राज्य महिला आयोग के पूर्व सदस्य चौधरी मायावती ने किया। संचालन वीरेंद्र यादव ने किया। इस दौरान अजय कुमार, प्रसिद्ध यादव, अधिवक्ता रामचंद्र सिंह, सूरज यादव, निराला यादव, नरेंद्र कुमार समेत कई वक्ताओं ने अपनी राय रखी। इस दौरान बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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